सुंदरकांड में आओ,
और गाओ राम राम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम।।
तर्ज – सावन का महीना।
सुन्दरकाण्ड है,
अति मन भावन,
पढ़ने से इसके होता,
तन मन पावन,
वार तिथि मत देखो,
बस पाठ करो अविराम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम,
सुन्दरकाण्ड में आओ,
और गाओ राम राम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम।bd।
सुन्दरकाण्ड से,
दुख मिट जाएंगे,
सारे संकट,
दूर भाग जाएंगे,
संकट सारे भागे,
और मिलता है आराम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम,
सुन्दरकाण्ड में आओ,
और गाओ राम राम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम।bd।
अपने घर में जो भी,
पाठ कराता है,
बजरंगी किरपा का वो,
पात्र बन जाता है,
हनुमत की किरपा से,
बनते है बिगड़े काम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम,
सुन्दरकाण्ड में आओ,
और गाओ राम राम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम।bd।
सुंदरकांड में आओ,
और गाओ राम राम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम,
राम बिना मेरे भैया,
तुमको मिले नहीं आराम।।
By – Team Bhajan Diary








