हारा हुआ हूँ बाबा,
जिताना पड़ेगा,
गिरने लगा हूँ अब मैं,
उठाना पड़ेगा,
तुमको ही बाबा अब तो,
आना पड़ेगा,
मुझको भी खाटू,
बुलाना पड़ेगा।।
तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर।
दुखों का है घेरा या फिर,
समय का है फेरा,
या फिर नहीं है काबिल,
दास ये तेरा,
प्रेमी ये तेरा किस,
किससे लड़ेगा,
गिरने लगा हूँ अब मैं,
उठाना पड़ेगा।।
समंदर है गहरा और,
डोली है नैया,
दूर है किनारा अभी तो,
आजा कन्हैया,
बनकर के मांझी इसको,
चलाना पड़ेगा,
गिरने लगा हूँ अब मैं,
उठाना पड़ेगा।।
गलतियां तो मुझसे,
होती रही है,
‘पियूष’ क्या ये गलती बाबा,
बहुत बड़ी है,
लगाकर गले से माफ,
करना पड़ेगा,
गिरने लगा हूँ अब मैं,
उठाना पड़ेगा।।
हारा हुआ हूँ बाबा,
जिताना पड़ेगा,
गिरने लगा हूँ अब मैं,
उठाना पड़ेगा,
तुमको ही बाबा अब तो,
आना पड़ेगा,
मुझको भी खाटू,
बुलाना पड़ेगा।।
Singer – Ayush Somani
Lyrics – Piyush Goyal








