पाय लागूं जी महाराज,
बीड़द बंका,
बीड़द बंका,
गढ़ तोड़ी लंका।।
कुण थारी माता,
कुण पिता है,
कुण थारो नाम,
धरयो जी हनुमंता,
पाय लागू जी महाराज,
बीड़द बंका।।
अंजनी म्हारी माता,
पवन पिता है,
ब्रह्मा म्हारो नाम,
धरयो जी हनुमंता,
पाय लागू जी महाराज,
बीड़द बंका।।
कुण रे सत से,
सागर लाँघो,
कुण रे हुकुम,
जलाई लंका,
पाय लागू जी महाराज,
बीड़द बंका।।
राम जी रे सत से,
सागर लांध्यों,
सीता जी रे हुकुम,
जलाई लंका,
पाय लागू जी महाराज,
बीड़द बंका।।
रावण मार,
अहिरावण मारयो,
कुंभकरण सिर,
बाज्या डंका,
पाय लागू जी महाराज,
बीड़द बंका।।
तुलसीदास आस,
रघुवर की,
असुरन मार,
मिटाई शंका,
पाय लागू जी महाराज,
बीड़द बंका।।
पाय लागूं जी महाराज,
बीड़द बंका,
बीड़द बंका,
गढ़ तोड़ी लंका।।
स्वर – गुलाबनाथ जी महाराज।








