मायत म्हारो खाटू में रहवे,
मन की पीड़ा सुनने खातिर,
रातू जागे रे,
मायत म्हारों खाटू में रहवें,
मायत म्हारों खाटू में रहवें।।
दुनियादारी मीनख जमारो,
बाबो म्हारो अलख निरालो,
सोच सोच कर श्याम धनी ने,
आंख्या नीर बहे,
मायत म्हारों खाटू में रहवें।।
हारयोडा ने पास बुलावे,
आँसू पोछे गले लगावे,
मन की बाता पूछ पूछ कर,
मन हलको कर दे,
मायत म्हारों खाटू में रहवें।।
रिश्तेदारिया सारी छूटी,
छूटया संगी साथी रे,
पर बाबो म्हणे एसो पकड़्यो,
छोड़े कोनी रे,
मायत म्हारों खाटू में रहवें।।
खाटू तो महने पीर सो लागे,
जानू बाबुलियो है सागे,
जाने को दिन जद भी आवे,
छाती फाटे रे,
मायत म्हारों खाटू में रहवें।।
मायत म्हारो खाटू में रहवे,
मन की पीड़ा सुनने खातिर,
रातू जागे रे,
मायत म्हारों खाटू में रहवें,
मायत म्हारों खाटू में रहवें।।
Singer – Jayesh Pareek
9829729507
Lyrics – Sanjay ‘Shyamsunder’








