खुशियों से झूमे मन सारे,
जन्मे है हनुमान प्यारे,
महलों में गूंजे जयकारे,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
तर्ज – लल्ला की सुन के मैं आयी।
चैत्र मास पूनम अलबेला,
चतुर्दशी तिथि मंगल बेला,
भोर के चमके है तारे,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
मां अंजनी के लाल है आए,
राजा केसरी अति हर्षाए,
बाजे है शंख नगाड़े,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
रेशम की डोरी चंदन का पलना,
जुग जुग जीवे अंजनी को ललना,
जग में करे उजियारे,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
कोटि सूर्य सा मुखड़ा चमके,
अंग अंग से अति बल दमके,
चंचल नैना मतवाले,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
रुद्र ग्यारहवे शिव अवतारी,
मोहक छवि पर जग बलिहारी,
रूप कपीस का धारे,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
चारों दिशाएं मंगल गावे,
सुर नर नारी दर्शन पावे,
सजे है गांव चौबारे,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
खुशियों से झूमे मन सारे,
जन्मे है हनुमान प्यारे,
महलों में गूंजे जयकारे,
जन्मे हैं हनुमान प्यारें।bd।
By – AV Bhakti Vani








