प्यारी है सूरत मुख पे उजाला,
कानों में कुण्डल गले में पुष्प माला,
हम दास इनके,
ये सबके स्वामी,
अनजान हम ये अंतर्यामी,
खुशियाँ मनाओ वीर गुण गाओ,
बोलो जय दीनन के दुखहारी,
वीर जी की निकली सवारी,
वीर जी की लीला है न्यारी,
खुशियों में झूमें खुशियों में गाएं,
सारे जगत के सब नर नारी,
वीर जी की निकलीं सवारी,
वीर जी की लीला है न्यारी।।
तर्ज – रामजी की निकली सवारी।
प्यारी छवि सब इनकी निहारो,
दर्शन करो और जीवन सुधारो,
दर्शन करो और जीवन सुधारो,
पावन घड़ी सब खुशियाँ मनाएं,
मस्ती में झूमें नाचे और गायें,
व्याकुल बड़े है कब से खड़े है,
दर्शन के प्यासे सब तन धारी,
वीर जी की निकलीं सवारी,
वीर जी की लीला है न्यारी।।
दुनियाँ का वैभव इनको ना भाया,
मद मोह माया को मन से हटाया,
मद मोह माया को मन से हटाया,
माता पिता और पत्नी को त्यागा,
राज पाठ में भी न मन इनका लागा,
फिर वन में जा के फिर वन में जा के,
महावीर जी ने किया तप भारी,
वीर जी की निकलीं सवारी,
वीर जी की लीला है न्यारी।।
वीर जी की निकली सवारी,
वीर जी की लीला है न्यारी,
खुशियों में झूमें खुशियों में गाएं,
सारे जगत के सब नर नारी,
वीर जी की निकलीं सवारी,
वीर जी की लीला है न्यारी।।
Singer / Lyricist – Manoj Kumar Khare
9584645408








