म्हारै नाथ निरंजन आईए,
म्हारै आकै अलख जगाइए।।
तर्ज – म्हारी सुनले दादा खेड़ा।
संग मैं ल्याईए गुरु भभूता,
जागजा म्हारा भाग कसूता,
तूं म्हारी नगरी मैं आईए,
म्हारै आकै अलख जगाईए।।
संग मैं ल्याईए जोतराम जी,
बिगड़े बणजा म्हारे काम जी,
भगता नै दर्श दिखाइए,
म्हारै आकै अलख जगाईए।।
संग मैं ल्याईए नखत बन्ना जी,
दुखी होरया म्हारै जणा जणा जी,
नगरी के भाग जगाईऐ,
म्हारै आकै अलख जगाईए।।
गुरुवचन तेरा बालक याणा,
संजीव टोहाणा दास पुराणा,
आज़ाद भगत मुख आईए,
म्हारै आकै अलख जगाईए।।
म्हारै नाथ निरंजन आईए,
म्हारै आकै अलख जगाइए।।
Singer – Sanjeev Tohana
9896578391








