संकट हरेगी करेगी भली,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
बरसानेवारी तू मेरी सहाय,
दीन दुखिन कु निज दरस कराए,
मोकू भी जानो तुम दीन दुखी,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
कृष्ण पियारी सुन मोरी पुकार,
जग सौं छोड़ाय मोहे चरणन में डार,
तेरे महलन के कोने रहूँ मैं पड़ी,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
बरसानो धाम जन्म तुम लियो,
गहवर वन भीतर बिहार कियो,
तिहारी प्यारी लगै मोहे रंगीली गली,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
नीलाम्बर पहने हरिदास दुलारी,
गल हार हीरन कौ बैंदी भी प्यारी,
तेरी नथली लागै हमें प्यारी बड़ी,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
त्रिभुवन पति तूने बस में किये,
जहाँ पग धरो श्याम तहं नैना धरे,
अरी मुक्ति हूँ तेरे चरण में पड़ी,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
राधा श्री राधा श्री राधा कहे,
कोटि जग बाधा कूं पल में हरे,
दुष्टन के दल में मचे खलबलि,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
संकट हरेगी करेगी भली,
वृषभानु की लली,
तेरो संकट हरैगी करैगी भली,
वृषभानु की लली।।
Singer – Shri Indresh Ji Maharaj








