वाह वाह रे मौज फकीरा की,
जठे ना पूछे मोज अमीरा की,
वा वा रे मोज फकीरा की।।
कोई दिन जीमे ठंडा टुकड़ा,
अरे कोई दिन लपटा सीरा की,
देख्यायो रे मोज फकीरा की,
वा वा रे मोज फकीरा की।।
हे कोई गुमे भाई जंगल जंगल,
अरे कोई दिन सेर बजारा की,
देख्यायो रे मोज फकीरा की,
वा वा रे मोज फकीरा की।।
कोई दिन चाले भाई पैदल पैदल,
अरे सवारी हाथी गोड़ा की,
देख्यायो रे मोज फकीरा की,
वा वा रे मोज फकीरा की।।
हे असल फकीरी साधा की कहिये,
अरे भैरव भक्ति करले भगवत की,
देख्यायो रे मोज फकीरा की,
वा वा रे मोज फकीरा की।।
वाह वाह रे मौज फकीरा की,
जठे ना पूछे मोज अमीरा की,
वा वा रे मोज फकीरा की।।
गायक – पुरण जी गुर्जर।
प्रेषक – सिंगर मगनीराम गाडरी।
महुआ खुर्द भीलवाडा़
मो. – 9680818193








