कैसा बदल रहा है,
संसार देखिए,
है झूठ से भरा हुआ,
है झूठ से भरा हुआ,
अखबार देखिए।।
देखा उन्हें जो गौर से,
नफरत सी हो गई,
किसने कहा था झांककर,
उस पार देखिए,
कैसा बदल रहा हैं,
संसार देखिए।।
हर आईने में आयेगी,
सच्चाई नज़र फिर,
फिर एक बार नहीं चाहे,
सौ बार देखिए,
कैसा बदल रहा हैं,
संसार देखिए।।
कहने को हो रही है,
सबकी सुनाइयाँ,
बेबस के लिए बंद है,
दरबार देखिए,
कैसा बदल रहा हैं,
संसार देखिए।।
कैसे कहे की हमको कोई,
अच्छा नहीं मिला,
एक बार जरा गौर से,
सरकार देखिए,
कैसा बदल रहा हैं,
संसार देखिए।।
‘अंकुश’ बुरे समय में,
कोई देखता नहीं है,
है मतलबी यहाँ पर,
ये परिवार देखिए,
कैसा बदल रहा हैं,
संसार देखिए।।
कैसा बदल रहा है,
संसार देखिए,
है झूठ से भरा हुआ,
है झूठ से भरा हुआ,
अखबार देखिए।।
स्वर – श्री अंकुश जी महाराज।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








