जसोल गढ़ में आप बिराजो,
मां रानी भटियानी जी,
ए कलयुग रा अवतार माजीसा,
मायड़ मोत्यावाली जी,
ए भाटी कुल मे जन्म धरायो,
जोगीदास रे माई जी,
ए राठौड़ वंश में ब्याव रचाये,
स्वरुप कंवर महारानी जी,
ए राठौड़ कुल मे खुशीया छायी,
लाल बन्ना ने हुलराई जी,
ए पुत्र वियोग में प्राण त्यागीया,
स्वरुपल कंवर बाई जी ए मां ए मां हा।।
ए जोगीदास सु आयो दमामी,
जसोल नगरी माई जी,
ए बाईसा सु मिलनो वेतो,
जावो मसाना माई जी,
ए कल्याण सिंह जी री बात सुनी जद,
आयो मसाना माई जी,
ए जगमग जगमग दिवला जागिया,
देवी जद प्रगटाई जी,
ए चुनड रो मां दान देवीयो,
ढोली ने परचो बताई जी,
ए इन कलयुग में मात स्वरुपा,
भटियानी पुजवाई जी ए जी ए मां हा।।
ए खेजडले री छाया बिराजो,
मायड़ मोत्यावाली जी,
ए लूणी किनारे बनीयो देवरो,
जसोल गढ़ रे माई जी,
ए लाल ध्वजा असमान लहरावे,
अखंड ज्योत सवाई जी,
ए तेरस रो मां मेलो भरीजे,
दर्शन आवे नर नारी जी,
ए घणी दूर सु आस ले आवे,
मन री आस पुरावे जी,
ए साचा मन सु करे सुमरना,
मन इच्छा फल पावे जी ए जी ए मां हा।।
ए जसोल गढ़ रा माजीसा रा,
परचा जग में भारी जी,
ए महीमा रो कोई पार नी पायो,
मां री लीला न्यारी जी,
ए लाल बन्ना सा सवाई जी रे चरना,
निव निव शिश निवावा जी,
ए आरतियां रा वेला पधारो,
दर्शन री बलिहारी जी,
ए घूमर रमता आप पधारो,
माजीसा भटियानी जी,
ए पग पग पे सहाय करे आ,
हेले हाजिर होवे जी ए मां ए मां हा।।
ए थोरी माजीसा करूं चाकरी,
जन्म जन्म रे माई जी,
ए भगती रो वरदान देवजो,
भगती री धुन आ लागी जी,
ए डुबत नैया तारो मैया,
एकर अरजी म्हारी जी,
ए तारो या न तारो मैया,
आतो मर्जी थारी जी,
ए महिमा लिखे ओ ‘मनीष सीरवी’,
रायपुर रो निवासी जी,
ए *भवानी कोलू* वालो गावे भाव सु,
जुग जुग चरना माई जी ए मां ए मां हा।।
जसोल गढ़ में आप बिराजो,
मां रानी भटियानी जी,
ए कलयुग रा अवतार माजीसा,
मायड़ मोत्यावाली जी,
ए भाटी कुल मे जन्म धरायो,
जोगीदास रे माई जी,
ए राठौड़ वंश में ब्याव रचाये,
स्वरुप कंवर महारानी जी,
ए राठौड़ कुल मे खुशीया छायी,
लाल बन्ना ने हुलराई जी,
ए पुत्र वियोग में प्राण त्यागीया,
स्वरुपल कंवर बाई जी ए मां ए मां हा।।
गायक – भवानी सिंह जी राजपुरोहित (कोलू)
लेखक – मनीष सीरवी।
रायपुर जिला ब्यावर राजस्थान








