घणो नखरालो सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में,
धन माल खजानो हीरा मोती,
निकले नोट करोड़ा में।।
घर गुजरी रे जावे कान्हो,
छाने छाने गोकुल में,
मटको चोरी रो माखन वालो,
देवे साथी ग्वाला ने,
घणों नखरालों सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में।।
बण ग्वालो यो सेठ सांवरो,
जावे जावे जंगल में,
ग्वाल बणियों यो बंसी वालों,
रोज चरावे गाया ने,
घणों नखरालों सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में।।
ले हाथों में मुरली कान्हो,
जावे जावे बरसाणा मे,
मीठी मीठी मुरली वालो,
राग सुनावे राधा ने,
घणों नखरालों सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में।।
गेंद लेवण ने किशन कन्हैयो,
जावे जावे यमुना में,
नटवर नागर नाच नचायो,
मार भगायो कालिया ने,
घणों नखरालों सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में।।
लाज रखो बनवारी केशु,
ध्यावे ध्यावे भजना में,
हेलो सुणजो अनंत वालो,
सुखिया राखो भक्ता ने,
घणों नखरालों सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में।।
घणो नखरालो सेठ सांवरो,
बैठो बैठो मंडपिया में,
धन माल खजानो हीरा मोती,
निकले नोट करोड़ा में।।
गायक – अनंत लोहार।
लेखक / प्रेषक – केशु लाल लोहार।
9784293640








