उमर जावे रे,
मना थारी उमर जावे रे,
आछा दिन थारा बीत गया,
दिन दोरा आवे रे।।
मात पिता सुत कामणी,
माया भरमावे रे,
किदोड़ी कमाई थारी आगली,
खोसे ने खावे रे,
आछा दिन थारा बीत गया,
दिन दोरा आवे रे।।
माया विष री बैलडी,
तांतो पसरावे रे,
बाजीगर रा बांदरा ज्यू,
नाच नचावे रे,
आछा दिन थारा बीत गया,
दिन दोरा आवे रे।।
बिणजारा रा बैल ज्यू,
सिर भार लदावे रे,
मन राजा थारो बणियो नायक,
लदियो जावे रे,
आछा दिन थारा बीत गया,
दिन दोरा आवे रे।।
संत बड़ा परमार्थी,
गुरू ज्ञान बतावे रे,
सत रे मार्ग चालणो,
सिमरथ समझावे रे,
आछा दिन थारा बीत गया,
दिन दोरा आवे रे।।
उमर जावे रे,
मना थारी उमर जावे रे,
आछा दिन थारा बीत गया,
दिन दोरा आवे रे।।
गायक – संत सुखदेव जी महाराज।
प्रेषक – सुभाष सारस्वा काकड़ा।
नोखा बीकानेर।
9024909170








