तुमको कब से रहा निहार मेरी सुन ले श्याम पुकार

तुमको कब से रहा निहार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार।।

तर्ज – तेरे पूजन को भगवान।



जो भी आता दर पे हारा,

सबको तेरा मिले सहारा,
आया मैं भी हाथ पसार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार,
तुमकों कब से रहा निहार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार।।



कब मांगें रे महल अटारी,

तेरे द्वारे खड़ा भिखारी,
मैंने चाहा तेरा प्यार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार,
तुमकों कब से रहा निहार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार।।



लागे छोटा खुद का साया,

अब तो खुद से खुद घबराया,
कर के पल भर सोच विचार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार,
तुमकों कब से रहा निहार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार।।



तुमने सबके काज संवारे,

जो हैं तेरे श्याम दुलारे,
करता कब “जालान” ये रार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार,
तुमकों कब से रहा निहार,
मेरी सुन ले श्याम पुकार।।



तुमको कब से रहा निहार,

मेरी सुन ले श्याम पुकार।।

गायक – उमाशंकर गर्ग।
भजन रचयिता – पवन जालान।
9416059499 भिवानी (हरियाणा)


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