तुम्हारी कृपा जो मिली सांवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं,
काबिल नहीं थे तेरे दर के हम,
तुम जो मिले मंजिलें मिल गई,
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
तर्ज – तुम्हारी नज़र क्यों खफा।
सोचा नहीं था मिला वो भी ऐसे,
देता हो बेटे को बाबुल के जैसे,
किस्मत से ज्यादा भरोसा तेरा,
मांगे बिना हर खुशी मिल रही,
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
जीवन के पथ पे अकेला नहीं हूँ,
टूटा हूँ बिखरा हूँ हारा नहीं हूँ,
साथी हमारा है बस एक तू ही,
नैया को मेरी जमीं मिल गई,
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
हस्ती हमारी तो कुछ भी नहीं थी,
हमें देख दुनिया नजर फेरती थी,
वही आज सबसे है ये कह रहे,
तेरे प्रेमियों में जगह मिल गई,
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
अगर मिलते हो तुम जो हारे हुओं को,
दीनों को दुखियों को सताए हुओं को,
रहने दो हारा ‘मनीष’ को भी तुम,
इस हार में जीत ही मिल गई,
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
तुम्हारी कृपा जो मिली सांवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं,
काबिल नहीं थे तेरे दर के हम,
तुम जो मिले मंजिलें मिल गई,
तुम्हारी कृपा जो मिली साँवरे,
जीवन में कुछ भी कमी अब नहीं।।
Singer – Sanjay Mittal Ji
Lyrics – Manish Agrawal








