त्रिदेव कवलियास का राजा,
थारी नंदी की असवारी,
थारी महिमा जग में भारी।।
पाबू जी के सपने आया,
जमी खोद निकलाया,
ये तो घर घर में पुजवाया,
त्रिदेव कंवलियास का राजा।।
लाखो थरे पैदल आवे,
भक्ता का कारज सारे,
थारी महिमा सबसे न्यारी,
त्रिदेव कंवलियास का राजा।।
हर महीना थरे खुले भंडारों,
लाखो रोकड़ा आवे,
घर घर में पुजवावे,
त्रिदेव कंवलियास का राजा।।
चारभुजा को लाइव चाले,
व्यास म्यूजिक बाजे,
भगत गनेरा नाचे,
त्रिदेव कंवलियास का राजा।।
प्रेम शंकर भजन बनावे,
चम्पालाल सुनावे,
यो तो महिमा थारी गावे,
त्रिदेव कंवलियास का राजा।।
त्रिदेव कवलियास का राजा,
थारी नंदी की असवारी,
थारी महिमा जग में भारी।।
गायक – चम्पा लाल प्रजापति।
मालासेरी डूंगरी 8947915979
( यूट्यूब – चारभुजा लाइव कालियास )








