कुण जाणे या माया श्याम की अजब निराली रे भजन लिरिक्स

कुण जाणे या माया श्याम की अजब निराली रे भजन लिरिक्स

कुण जाणे या माया श्याम की, अजब निराली रे, तिरलोकी को नाथ जाट को, बण गयो हाळी रे।। सौ बीघा को खेत जाट को, श्याम भरोसे खेती रे, आधा में तो गेहूँ चणा और, आधा में दाणा मैथी रे, बिना …

पूरा भजन देखें

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे