तोरे ऊंचे भुवन बने मात भवानी मोर नचत है बागों में लिरिक्स

तोरे ऊंचे भुवन बने मात भवानी मोर नचत है बागों में लिरिक्स

तोरे ऊंचे भुवन बने मात भवानी, मोर नचत है बागों में।। माँ के मंदिर पे कंचन कलश धरे, वहां चन्दन के जड़े है किवाड़ भवानी, मोर नचत है बागों में।। तोरे अँगना में नोवत बाज रही, शंख झालर बजे खड़ताल …

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