हंसा अधर से आया पंछियों रे पिंजरे समाया लिरिक्स

हंसा अधर से आया पंछियों रे पिंजरे समाया लिरिक्स

अधर स्वरूपी हँसला आया, चोंच पांख नही लाया, बिना चोंच वो चुगो चुगत है, चुग चुग मोती खाया, हंसा अधर से आया, पंछियों …

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