श्याम शरण में रहने वाले,
कभी नही घबराते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है।।
तर्ज – क्या मिलिए ऐसे लोगो से।
लिखे विधी का लेख प्रभु जो,
उसका क्या कर पायेंगे,
सुख दुख से भगवान बचे ना,
हम कैसे बच पायेंगे,
जब दिल भर आता है कभी तो,
दो आंसू छलकाते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है।।
माना ये माया का चक्कर,
जीवन भर ना छूटेगा,
असल खुशी के पल वो होंगे,
जो खाटू में बीतेगा,
भुल के दुनियादारी हम,
खाटु में मौज उड़ाते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है।।
दुनियां वाले पुछते हमसे,
क्या है एैसा खाटु में,
हम कहते है प्यारे हमारा,
बाप है बैठा खाटु में,
अपने जीवन की ऊलझन को,
खाटु में सुलझाते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है।।
हारे हुए का साथ निभाना,
बाबा की पहचान है,
भटके हुए को राह दिखाना,
श्याम धनी का काम है,
यूँ ही नहीं ‘कैलाश’ द्वार,
कोई बेमतलब से आते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है।।
श्याम शरण में रहने वाले,
कभी नही घबराते है,
अगर कभी मन भारी हो तो,
हम खाटू चले जाते है।।
Singer / Writer – Kailash Sharma
9608722111








