सांवरिया सज धज बनड़ो बणग्या,
तुलसा ने परनवा आया,
ओ सखियां मंगला चार थे गावो,
मारा श्याम परनवा आया,
लुगाया गीत बधावा गावो,
मारा श्याम परनवा आया।।
विनायक रिद्धि-सिद्धि संग लाया,
कंकू रा पगलिया मंडाया,
ओ सखिया गीत बधावा गावो,
मारा श्याम परनवा आया।।
छोगाला लागो गना रूपाला,
थे बनड़ो बणकर आया,
छोगाला तुलसा जी का लारे,
मारा श्याम परणवा आया।।
छोगाला जद तोरण पे आया,
सासु जी कलस बंधाया,
सांवरिया तोरण जाय बंधावे,
तुलसा ने परणकर लावे।।
सांवरिया तुलसा जी का लारे,
प्रभु फेरा खावण लागा,
छोगाला हाथ पकड़ तुलसा को,
चवरी में फेरा खावे।।
सांवरिया ढोल नंगाड़ा बाजे,
सेहेनाया बाजे प्यारी,
छोगाला तुलसा जी का लारे,
थाकी जोड़ी लागे प्यारी।।
सांवरिया रतन की या अर्जी,
चरणा मे रखले थारी,
कुमावत रतन महीमा गावे,
छोगाला ने जाय मनावे।।
सांवरिया सज धज बनड़ो बणग्या,
तुलसा ने परनवा आया,
ओ सखियां मंगला चार थे गावो,
मारा श्याम परनवा आया,
लुगाया गीत बधावा गावो,
मारा श्याम परनवा आया।।
गायक – रतन कुमावत आगरिया।
लेखक – सुनिल कुमावत।
मो. – 7410847149








