bसात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान,
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,
तेरा ही गुणगान,
सात सुरो की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान।bd।
देखिये – माँ सरस्वती के भजन।
ना जानू सुर ताल छंद लय,
ना जानू रस राग भाव विनय,
चरण शरण में आन पड़ा हूं,
शरण शरण में आन पड़ा हूं,
मैं अज्ञानी मैं अनजान,
सात सुरो की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान।bd।
तेरी दया जिस पे हो जाए,
गा गा भी कोयल सा गाए,
गूंगा वेद का अर्थ सुनावे,
गूंगा वेद का अर्थ सुनावे,
बगुला नाचे मोर समान,
सात सुरो की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान।bd।
ज्ञान की देवी तेरी जय जय,
तेरी ज्योत से जग ज्योतिर्मय,
वीणा वादिनी तेरी कृपा से,
वीणा वादिनी तेरी कृपा से,
बढ़ता रहे ‘लख्खा’ का ज्ञान,
सात सुरो की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान।bd।
सात सुरों की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान,
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,
मधुर स्वरों में करता रहूं मैं,
तेरा ही गुणगान,
सात सुरो की देवी सरस्वती,
दे ऐसा वरदान।bd।
Singer – Lakhbir Singh Lakha Ji








