रूणिचा में अवतार जागिया देवतों ने दीना लखपरिया

रूणिचा में अवतार जागिया,
देवतों ने दीना लखपरिया,
वारे चढे ने दोनव मारियो,
अरे वासे लियो थोरा वेध पुराण,
आप तो पिता हो सकल दुनियारा,
अरे अर्ज करू रोमा घनी खम्मा।।



नरसिंह रूप नोम रे कारण,

पेला भवो री प्रीत पहसोंन,
ख़म्ब फाड़ हरिनाकशप मारियो,
अरे वोई नी मोनतो रोमजी री ऑन,
आप तो पिता हो सकल दुनियारा,
अरे अर्ज करू रोमा घनी खम्मा।।



गढ़ रे गोकुल में गायो चरावता,

कंवर जन्मियो जशोदा रे कोण,
व्रज देश पर इंद्र कोपियो,
सेटु आंग माते मेरु पखोन,
आप तो पिता हो सकल दुनियारा,
अरे अर्ज करू रोमा घनी खम्मा।।



बावन ओंगल राजा बली रे द्वारे

अरे नुगता नही था हथा दीवोन
अढाई पोब्दो भरनी मॉँगी
बलजी ने मेलिया रे पियाला
आप तो पिता हो सकल दुनियारा,
अरे अर्ज करू रोमा घनी खम्मा।।



दुर्बल देख दया कर दाता

कर कृपा करनी मती भाल
हर शरणे भाटी हरजी बोलिया
सुख सम्पत सदाई रे मांग
आप तो पिता हो सकल दुनियारा,
अरे अर्ज करू रोमा घनी खम्मा।।



रूणिचा में अवतार जागिया,

देवतों ने दीना लखपरिया,
वारे चढे ने दोनव मारियो,
अरे वासे लियो थोरा वेध पुराण,
आप तो पिता हो सकल दुनियारा,
अरे अर्ज करू रोमा घनी खम्मा।।

गायक – जोग भारती जी।
भजन प्रेषक – श्रवण सिंह राजपुरोहित।
सम्पर्क – +91 90965 58244


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