पीले पीले बागे ऊपर,
पीला तेरा गजरा है,
केसर चंदन भी तो बाबा,
तेरे आगे फीका है,
ओ पीला तेरा रूप भा गया,
प्रेमी तेरे दर पे आ गया,
किस्मत का ये मारा है,
अब तेरा ही सहारा है।।
तर्ज – तेरे बिना ना गुजारा ऐ।
बांझन के घर में भी बाबा,
तेरी ही फुलवारी है,
पीले पीतांबर की महिमा,
सारे जग ने जानी है,
हारे हुए प्रेमी को भी तू,
संकट से उबारे,
किस्मत का ये मारा है,
अब तेरा ही सहारा है।।
बाबा तेरे बागे का,
एक टुकड़ा मुझको दे देना,
अटके काम सवर जाए,
बस ऐसी कृपा कर देना,
बसंत उत्सव आ गया,
ओ पीला तेरा रूप भा गया,
तेरा रुद्र भी हारा है,
तू हारे का सहारा है।।
पीले पीले बागे ऊपर,
पीला तेरा गजरा है,
केसर चंदन भी तो बाबा,
तेरे आगे फीका है,
ओ पीला तेरा रूप भा गया,
प्रेमी तेरे दर पे आ गया,
किस्मत का ये मारा है,
अब तेरा ही सहारा है।।
गायक – रुद्राक्ष यादव।








