घनन घननन घंटा बाजे चामुण्डा के द्वार पर भजन लिरिक्स

घनन घननन घंटा बाजे, चामुण्डा के द्वार पर, रूके यहाँ पर कालरात्रि, चंडमुंड को मार कर, रूके यहाँ पर कालरात्रि, ...

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