उज्जैनी में बाबा ने ऐसा डमरू बजाया भजन लिरिक्स
उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया, कितना प्यारा उज्जैनी, यहां दरबार सजाया, मैं सुध ...
Read moreDetailsउज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया, कितना प्यारा उज्जैनी, यहां दरबार सजाया, मैं सुध ...
Read moreDetailsदिल्ली सूबे के पास में, एक बसे गुडगामे धाम, बैठी माता शीतला।। जब आवे मंगलवार हे, जब आवे मंगलवार हे, ...
Read moreDetailsतेरो ही भ्रम तू ही भुलायो, दोहा - एक अखंडित ज्यो नभ व्यापक, बाहर भीतर हैं इकसारो, दृष्टक मुष्टक रूप ...
Read moreDetailsभोले ओ भोले आया दर पे, मेरे सिर पे, जरा हाथ तू फिरा दे, मेरे भाग्य को जगा दे।। तर्ज ...
Read moreDetailsश्याम तेरे दर पे, आया हूँ चाकर रख ले, मुझे इक बार, चाकरी का मौका दे दे, श्याम तेरे दर ...
Read moreDetailsसाधो भाई हरदम हरि है भेला, दोहा - सन्त समागम हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय, सुत दारा औऱ गृह लक्ष्मी, ...
Read moreDetailsदरबार मिला मुझको, जो श्याम तुम्हारा है, ये कर्म ना थे मेरे, अहसान तुम्हारा है, दरबार मिला मुझकों, जो श्याम ...
Read moreDetailsथारे रहता ओ सांवरिया, डरने की के बात जी, नाम जपूँ मैं निशदिन थारो, नाम जपूँ मैं निशदिन थारो, दिन ...
Read moreDetailsबुला ले बाबा खाटू में, तर्ज - उड़ जा काले कावा। याद में तेरी साँवरिया, मेरा दिल ये रोता है, ...
Read moreDetailsप्रभु जी के द्वारे, मन ये पुकारे, जिनवर के दर सा कोई, धाम नहीं है, प्रभु जी के द्वारें।। तर्ज ...
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