जिस घर में हरि गुणगान वो घर है स्वर्ग समान लिरिक्स
जिस घर में हरि गुणगान, वो घर है स्वर्ग समान, आँगन तुलसी गो सेवा, यही मानव की पहचान।। तर्ज - ...
Read moreDetailsजिस घर में हरि गुणगान, वो घर है स्वर्ग समान, आँगन तुलसी गो सेवा, यही मानव की पहचान।। तर्ज - ...
Read moreDetailsहोके शेरो के रथ पे सवार, मैया पावागढ़ से चली, तेरी मैदां में चमके तलवार, मैया पावागढ़ से चली, होके ...
Read moreDetailsगर जोर मेरो चालै, चुनरी ओढाऊ तनै लाख की, के करा पर दादी कोन्या, बात या मेरे हाथ की।। रतन ...
Read moreDetailsजरा नैन को मेरे श्याम से, मिला ले दर्द भूल जाएगा, जब नैन मिल गए तो दर्द तेरा, आंसू बन ...
Read moreDetailsये माना की माँ की है, ममता महान, नहीं कुछ बिना बाप के। दोहा - पिता ब्रम्हा पिता विष्णु, पिता ...
Read moreDetailsगौरी के नंदन, करूँ तेरा वंदन, आकर के मेरा कारज सँवारो, यही प्रार्थना है, यही याचना है, रिद्धि-सिद्धि के संग ...
Read moreDetailsभवानी मैया शारदा भजो रे, शारदा भजो रे, भर जेहे सकल भण्डार रे, भवानी मैया हो।। रुठ के बैठी शारदा ...
Read moreDetailsचाहे मन में कैसी उलझन हो, बोलो ॐ अर्हम बोलो ॐ अर्हम, जीवन में कैसी अड़चन हो, बोलो ॐ अर्हम ...
Read moreDetailsबहे असुवन की लंबी धार, माई विसर्जन में। दोहा - हम तेरे द्वार में ऐ मैया, झोली फैलाए बैठे हैं, ...
Read moreDetailsमैं थाने निवण करूं मैं प्रणाम, जम्भेश्वर म्हारी अरजी सुनो, अरजी सुनो म्हारा गुरुजी विनती सुनो, थाने निवण करूं में ...
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