जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की बहती अविरल धारा लिरिक्स

जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की, बहती अविरल धारा, अभिनन्दन उन्हें हमारा, अभिनन्दन उन्हें हमारा, जिनके त्रिनेत्र ने कामदेव को, ...

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