किण विध ब्रह्म जगाया देसी भजन
सांची केवुं सांच कर मोनो, मूर्ख मोल ठगाया, कबीर जी, किण विध ब्रह्म जगाया, किण विध ब्रह्म जगाया।। कीये कवल ...
Read moreDetailsसांची केवुं सांच कर मोनो, मूर्ख मोल ठगाया, कबीर जी, किण विध ब्रह्म जगाया, किण विध ब्रह्म जगाया।। कीये कवल ...
Read moreDetailsदेखा सीखी में सब कोई भूल गया, भूलत में भूलोणा, जोगियो वरता मण्डप मंडोणा, जोगियों वरता मण्डप मंडोणा।। कोई केवे ...
Read moreDetailsकुंवर भुणा जी थारी घोड़ी का तो, बाजे कमर घूघरा, घूघरा रे बाजे घूघरा रे, बाजे घूघरा रे बाजे घूघरा।। ...
Read moreDetailsअमीनाथ दुखियों का सहारा, सब देवों में न्यारा सै, कोलेखां में संकट काटे, बाबा समाधि आला रे।। शनिवार और अंतवर ...
Read moreDetailsजय राधे जय कृष्णा, जय हो वृंदावन।bd। यमुना तट राधा, बंशीवट मोहन, जय राधें जय कृष्ण, जय हो वृंदावन।bd। गौर ...
Read moreDetailsइतना बहुत है हे राधा रानी, तुम हो हमारी, बस तुम्ही हो हमारी, एक पल भी बिसरे ना, सूरत ये ...
Read moreDetailsखेतेश्वर दाता म्हाने दर्शन री आस, हिंडो लगवायो गेहरा, बाग में वो गुरूजी, गावे वों हालरिया मीठी, राग में खेतेश्वर ...
Read moreDetailsपत्थरों के बीच तूने, डेरा है लगाया, दिल तेरा फूलों जैसा कोमल है, नैनो में जगमग, जगती है ज्योति, ममता ...
Read moreDetailsजिसे चाहिये बाबा का खजाना, वो अपने दोनों हाथ उठाना, जिसे आज खाली हाथ नही जाना, वो अपने दोनों हाथ ...
Read moreDetailsक्यों अपनों पे तू इतराए, जाएगा कोई संग ना, अब मान भी ले मनवा, मान भी ले, मान भी लो ...
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