खुल्ला खुल्ला केश मां की सूरत लुभावनी भजन लिरिक्स
खुल्ला खुल्ला केश, मां की सूरत लुभावनी, भक्ता घर आजाजो, ये मेरी सातो बहना पावणी।। ग्यारहवीं सदी के माइ, देपा ...
Read moreDetailsखुल्ला खुल्ला केश, मां की सूरत लुभावनी, भक्ता घर आजाजो, ये मेरी सातो बहना पावणी।। ग्यारहवीं सदी के माइ, देपा ...
Read moreDetailsकृष्ण थे दगो कियो मासु, जोर काइ करा नाथ थासू।। कवरी बिलख रही जी मारी, सुख भर सोग्या गिरधारी, रोज ...
Read moreDetailsधरमधारी वाली धन्य धरा पर, जगमग ज्योति सवाई, आओ आओ मारा देव झुंझार जी, अति कटे देर लगाई।। सरवर पाल ...
Read moreDetailsआज म्हारे भोले बाबा, भांग घणी पीदी ओ, अरे भांग रा नशा बाबो, परणवाने आयो ओ, अरे आज मारे भोले ...
Read moreDetailsदरबार श्याम के आजा, अरदास तू अपनी सुना जा, दुनिया वाले तो, वक़्त पे पीठ दिखाते है, मुश्किल घड़ियों में, ...
Read moreDetailsद्वारपालों ना रोको मेरा रास्ता, तुम कन्हैया से मेरे मिला दो मुझे। दोहा - मेरे आंसुओ से सुन लो, मेरे ...
Read moreDetailsरोको ज़रा कन्हैया, मेरी जान जा रही है, कातिल नज़र तुम्हारी, खंजर चला रही है, रोको ज़रा कन्हैंया।। तर्ज - ...
Read moreDetailsसजा दो फुल राहो में, मेरे गोपाल आएँगे, जन्मदिन आज है उनका, ख़ुशी से हम मनाएँगे, सजा दों फुल राहो ...
Read moreDetailsतेरे प्रेम का मुझपे, हुआ ये असर है, जिधर देखता हूँ, तू आता नज़र है, तेरें प्रेम का मुझपे, हुआ ...
Read moreDetailsहे गिरधर गोपाल श्याम तू, आजा मेरे आँगना, माखन मिश्री तुझे खिलाऊँ, और झुलाऊँ पालना, हें गिरधर गोपाल श्याम तू।। ...
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