तुम घर जाओ वेद मुझे रोग भारी है भजन लिरिक्स
तुम घर जाओ वेद, मुझे रोग भारी है, रोग रो मेटणीयो मारो, सावरीयो गिरधारी हैं, तुम घर जावो वेद, मुझे ...
Read moreDetailsतुम घर जाओ वेद, मुझे रोग भारी है, रोग रो मेटणीयो मारो, सावरीयो गिरधारी हैं, तुम घर जावो वेद, मुझे ...
Read moreDetailsथारी बाट जोवे बाई सुगना, आवो म्हारा भाई, थारी बाट जोवें बाई सुगना, आवो मारा भाई, काई भूल पडगी बीरा, ...
Read moreDetailsमन्दरिया रा आडा खोलो मारी माँ, मै आयो थारे देवलिये। दोहा - जगमग ज्योता जागती, ए मारे बिलाड़ा रे माय, ...
Read moreDetailsआज साथीड़ा माने ले चालो, टाडगढ रा मेला में, भगत घनेरा आवे ओ, टाडगढ रा मेला में, आज साथीडा माने ...
Read moreDetailsतेजाजी थारी महिमा गावा, जितनी थोडी रे, थारे नाम सु जाटा री, छाती चौड़ी रे, ए तेजाजी थारी महिमा गावां, ...
Read moreDetailsबर्तन जोवे वस्तु दीजिए, जारो इरखो नी आवे, बर्तन जोवें वस्तु दीजिए, जारो इरखो नी आवे।। पेहला उपाई दाता धरतरी, ...
Read moreDetailsभगत बुलावे वेगा पधारो, आओ भटियल मात, ओ म्हारो मनडों तरस रयों, कद आओ दरबार।। जसोल गढ़ मेँ धाम बणियो, ...
Read moreDetailsमेरा जो सहारा है, मेरा रखवाला है, खाटू वाला है, ओ श्याम, ओ श्याम, ओ श्याम, ओ श्याम।। तर्ज - ...
Read moreDetailsमैंने लिख दी अर्ज़ी सांवरिया पढ़ के देख, मैं तेरा हो जाऊँ कुछ लिख दे ऐसे लेख, श्याम धणी खाटू ...
Read moreDetailsजब जब जिसने बांटा है, दया प्रेम सदभाव, वहां श्याम कृपा सदा बरसे, नहीं रहता कोई अभाव, उसकी तो रोज़ ...
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