अलख निरंजन निज निराकारी विभो नभ ज्यूँ अलख पसारी

अलख निरंजन निज निराकारी, विभो नभ ज्यूँ अलख पसारी।। निर्गुण से सिर्गुण हो आया, ज्योति स्वरूप है आपकी माया। अलख ...

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लेके फिर अवतार कन्हैया कलयुग में आ जाओ भजन लिरिक्स

लेके फिर अवतार कन्हैया, श्लोक - यदा यदा हि धर्मस्य, ग्लानिर्भवति भारत, अभ्युत्थानमधर्मस्य, तदात्मानं सृजाम्यहम्। परित्राणाय साधूनां, विनाशाय च दुष्कृताम्, ...

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