पधारो कीर्तन में श्री श्याम,
थारा भगत करे मनवार,
पधारों कीर्तन मे श्री श्याम।।
तर्ज – चाली पाणी न पणिहार।
बड़े चाव सूं सांवरिया,
थारो दरबार सजायो,
चम्पा चमेली जूही मोगरा,
को गजरो बनवायो,
महके फूला सूं दरबार,
पधारों कीर्तन मे श्री श्याम।।
बाट उड़िका कद आवोला,
बाबा दर्श दिखाओ,
भगता छप्पन भोग बनाया,
आओ भोग लगाओ,
जीमो जीमो लखदातार,
पधारों कीर्तन मे श्री श्याम।।
भजन सुनावा थाने रिझावां,
कीर्तन की है त्यारी,
ऊंचे आसन आन विराजो,
शोभा लागे प्यारी,
आओ खाटू के सरकार,
पधारों कीर्तन मे श्री श्याम।।
“नाथ गुलाब” की अर्जी बाबा,
लीले चढ़कर आओ,
“विनय” सुनो हे श्याम बिहारी,
क्यूं म्हाने तरसाओ,
थासुं विनती बारम्बार,
पधारों कीर्तन मे श्री श्याम।।
थारा भगत करे मनवार,
पधारो कीर्तन में श्री श्याम।।
गायक – संत श्री गुलाबनाथ जी महाराज।
लेखक – विनय कुमार तमोली लक्ष्मणगढ़।
मोबाइल – 9785064838








