नींद चुराके मुझे अपना बनाए भजन लिरिक्स

नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए।।



चुप चुप रोऊँ कान्हा दुनिया से चोरी,

टूट ना जाए मेरी प्रीत की डोरी,
नैना भर भर आए,
ओ तेरी याद सताए रे,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए।।



प्रीत लगाके कान्हा बड़ा दुख पाया,

एक पल भी मोहे चैन ना आया,
जिया मोरा घबराए,
एक पल चैन ना आवे रे,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए।।



भक्त तुम्हारा कान्हा तुमको पुकारे,

दर्श दिखा दो मेरी आँखो के तारे,
तेरा दर्श ना पाया रे,
जीवन बीता जाए रे,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए।।



नींद चुराके मुझे अपना बनाए,

कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए।।

स्वर – देवी निधि और देवी नेहा सारस्वत जी।


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