नैना पलक बिछाए है,
कन्हैया आ जाओ,
आ जाओ कन्हैया आ जाओ,
आ जाओ कन्हैया आ जाओ।।
कब से निहारे बाट तुम्हारी,
कब से निहारे बाट तुम्हारी,
आ जाओ अब कृष्ण मुरारी,
आ जाओ अब कृष्ण मुरारी,
तुम्हें भक्त बुलाए है,
कन्हैया आ जाओ।।
सांवरी सलोनी सूरत तुम्हारी,
सांवरी सलोनी सूरत तुम्हारी,
मन में बसी है हे गिरधारी,
मन में बसी है हे गिरधारी,
हम आस लगाए है,
कन्हैया आ जाओ।।
गिद्ध अजामिल कि टेर सुनि प्रभु,
गिद्ध अजामिल की टेर सुनि प्रभु,
शबरी के खाए है बैर सुनि प्रभु,
शबरी के खाए है बैर सुनि प्रभु,
‘अंकुश’ बिलमाए है,
कन्हैया आ जाओ।।
नैना पलक बिछाए है,
कन्हैया आ जाओ,
आ जाओ कन्हैया आ जाओ,
आ जाओ कन्हैया आ जाओ।।
स्वर – श्री अंकुश जी महाराज।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








