मुखड़ा ये मेरे श्याम का,
दोहा – ऐसो छब मेरे श्याम की,
बल-बल जाऊं निसार,
देखे मन भरता नहीं,
देखूँ हज़ार बार।
मुखड़ा ये मेरे श्याम का,
चंदा से भी हसीं,
आओ उतार लो नज़र,
आओ उतार लो नज़र,
लग जाये ना कहीं,
मुखडा ये मेरे श्याम का।।
श्रंगार तेरा सांवरे,
क्या बेमिसाल है,
भगतों ने सजाया तुझे,
कितना कमाल है,
बलिहारी जाऊं आपसे,
बलिहारी जाऊं आपसे,
हटती नज़र नहीं,
मुखडा ये मेरे श्याम का।।
भरता नहीं है मन मेरा,
जितना निहार लूं,
जी चाहे तेरे सामने,
जीवन गुज़ार दूँ,
मैं तेरा द्वार छोड़ अब,
मैं तेरा द्वार छोड़ अब,
जाऊंगा नहीं,
मुखडा ये मेरे श्याम का।।
तू प्रेम का प्रतीक है,
करुणा स्वरुप है,
कान्हा ने वर दिया तुझे,
तू श्याम रूप है,
जलवा तेरा भी सांवरे,
जलवा तेरा भी सांवरे,
कृष्णा से कम नहीं,
मुखडा ये मेरे श्याम का।।
मुखडा ये मेरे श्याम का,
चंदा से भी हसीं,
आओ उतार लो नज़र,
आओ उतार लो नज़र,
लग जाये ना कहीं,
मुखडा ये मेरे श्याम का।।
Singer – Arpit Goel
Lyrics – Shri Mukesh Raj (Guru Ji)








