मुख से राधे राधे बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
क्यों करता है तेरी मेरी,
बांधे पाप की ढेरी,
बंदे बांधे पाप की ढेरी,
अब भी सोच समझ ले भैया,
बन्द आंखों को खोल,
मन तू राधे राधे बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
करता रोज कमाई भर भर,
भरता झुठ की बेरी रे,
भरता झुठ की बेरी,
जिनके लिए तुने करी कमाई,
वो बोलेंगे बोल रे,
मन तू राधे राधे बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
कहता रणजीत सुनले भाई,
करले अगले जन्म की कमाई,
करले अगले जन्म की कमाई,
साथ नहीं जाएगा कोई,
सुन ले कान को खोल,
मन तू राधे राधे बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
मुख से राधे राधे बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल,
क्या लगेगा मोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
स्वर – रणजीत सिंह पाली।
8955589384








