म्हारा रामा राज कुँवार,
बेगा आ जाइजो,
बाबा हो लीले असवार,
बेगा आ जइजो,
थाकी घणी करा मनवार,
बेगा आ जइजो।।
आस विश्वाश लिया,
थाणे मनावा हां,
राम रुनिचे वाला,
गुण थारा गावा हां,
नैना में ज्योत जागी,
झांकी सजावा हां,
पलका का हिडोला में,
झुला झुलावा हां,
ओ अजमल घर अवतार,
माँ मैणादे रा लाल,
रानी नेतल रा भरतार,
बेगा आ जइजो,
भक्तां री सुणो पुकार,
बेगा आ जइजो।।
भगता रो भाव जाग्यो,
दर्श दिखावो सा,
बाई सुगना वीरा,
बेगा बेगा आवो सा,
रुण झुण घोड़लिये रा,
घुंगरा बजाओ सा,
दीन दयालु महारा,
दुखड़ा मिटाओ सा,
ओ करुणा का भंडार,
थारी होवे जय जयकार,
थाणे ध्यावे है ‘गोपाल’,
बेगा आ जइजो,
भक्तां री सुणो पुकार,
बेगा आ जइजो।।
म्हारा रामा राज कुँवार,
बेगा आ जाइजो,
बाबा हो लीले असवार,
बेगा आ जइजो,
थाकी घनी करा मनवार,
बेगा आ जइजो।।
स्वर – श्री गोपाल बजाज जी परीक्षित।








