म्हारा मनाया आवज्यो जी गौरी का नंद गणेश लिरिक्स

म्हारा मनाया आवज्यो जी,
गौरी का नंद गणेश,
गौरी का नंद गणेश,
अम्बिया रा लाल गणेश,
संता रा मनाया आवज्यो जी,
गौरि का नंद गणेश।।



माता थाकि पार्वती जी,

कोई पिता ओ शंकर महेश,
गौरी का नंद गणेश,
अम्बिया रा लाल गणेश,
संता रा मनाया आवज्यो जी,
गौरि का नंद गणेश।।



तेल सिन्दूर चढ़े चुरमा जी,

कोई लड्डूओ का भोग हमेस,
गौरी का नंद गणेश,
अम्बिया रा लाल गणेश,
संता रा मनाया आवज्यो जी,
गौरि का नंद गणेश।।



राजा सुमरे बादशाह जी,

थाने सुमरे सेष महेश,
गौरी का नंद गणेश,
अम्बिया रा लाल गणेश,
संता रा मनाया आवज्यो जी,
गौरि का नंद गणेश।।



गोकल दास की विनती जी,

थाने सुमिरण करे हमेश,
गौरी का नंद गणेश,
अम्बिया रा लाल गणेश,
संता रा मनाया आवज्यो जी,
गौरि का नंद गणेश।।



म्हारा मनाया आवज्यो जी,

गौरी का नंद गणेश,
गौरी का नंद गणेश,
अम्बिया रा लाल गणेश,
संता रा मनाया आवज्यो जी,
गौरि का नंद गणेश।।

गायक – जगदीश और राजु जुगलबंदी।
प्रेषक – चारभुजा साउंड जोरावरपुरा।
9460405693