मेरे श्याम की सजी हवेली,
सज गया खाटू धाम जी,
मेरी भी, मेरी भी,
मेरी भी किस्मत लिख डालो,
अब के फागण श्याम जी।bd।
जिसने ध्वजा चढ़ाई तुमने,
उसका काम बनाया,
उसका काम बनाया,
मेरी भी सुन लो बाबा,
मैं अर्जी लेकर आया,
अर्जी लेकर आया,
देरी है किस बात की मेरा,
छोटा सा है काम जी,
मेरी भी, मेरी भी,
मेरी भी किस्मत लिख डालो,
अब के फागण श्याम जी।bd।
खाटू से रिंगस तक देखो,
रंग बसंती छाया,
रंग बसंती छाया,
चर्चा दुनिया भर में है की,
श्याम का प्रेमी आया,
श्याम का प्रेमी आया,
भावों से रीझे है बाबा
इसको ना भाए दाम जी,
मेरी भी, मेरी भी,
मेरी भी किस्मत लिख डालो,
अब के फागण श्याम जी।bd।
मुझको क्या चिंता जब मेरी,
नैया श्याम हवाले,
नैया श्याम हवाले,
जिसको है विश्वास श्याम पे,
उसको श्याम संभाले,
उसको श्याम संभाले,
‘सोनम’ भाव सुनाए लेखक,
मैं ‘कौशिक’ का नाम जी,
मेरी भी, मेरी भी,
मेरी भी किस्मत लिख डालो,
अब के फागण श्याम जी।bd।
मेरे श्याम की सजी हवेली,
सज गया खाटू धाम जी,
मेरी भी, मेरी भी,
मेरी भी किस्मत लिख डालो,
अब के फागण श्याम जी।bd।
Singer – Sonam Samta
Lyrics – Divakar Kaushik








