मेरे दिल में समाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो,
मेरे दिल को लुभाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो।।
तुम हो मेरे गिरधारी,
तुम हो मेरे बनवारी,
सांवरिया कहाते हो,
जब दिल में समाते हो,
मेरे दिल में समाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो।।
तुम रंग रंगीले हो,
तुम छैल छबीले हो,
नटखट बन जाते हो,
जब तुम इतराते हो,
मेरे दिल में समाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो।।
तुम तो हो निर्मोही,
तुम तो हो बेदर्दी,
निष्ठुर बन जाते हो,
जब तुम रूठ जाते हो,
मेरे दिल में समाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो।।
करुणा मई कहाते हो,
दया मई कहाते हो,
अमृत बरसाते हो,
जब तुम रीझ जाते हो,
मेरे दिल में समाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो।।
मेरे दिल में समाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो,
मेरे दिल को लुभाते हो,
जब तुम मुस्कुराते हो।।
स्वर – दीदी अलका गोयल।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








