मत बावो जी शब्द रा बाण,
दोहा – सतगुरु मेरा सिर धनी,
सिर माथे रा मोड़,
सब संतो ने बंदगी,
ओ बीरा अपनी अपनी ठोर।
मत बावो जी शब्द रा बाण,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
अरे आख्या पर बावेल तो,
दर्शन क्यान करसो,
ए मारे दर्शन करबा रो नित नियम,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
काना पर बावेल तो,
ज्ञान क्यान सुन सु,
मारे ज्ञान सुनवा रो नित नियम,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
मुखड़ा पर बावेल तो,
भजन क्यान कर सु,
हे मारे भजन करबा रो नित नियम,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
अरे हाथा पर बावेल तो,
दान क्यान कर सु,
मारे दान करबा रो नित नियम,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
पगा पे बावेल तो,
मंदिर क्यान जाउला,
मारे मंदिर जाबा रो नित नियम,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
मत बावों जी शब्द रा बाण,
गुरूजी मारे लाग जावेली।।
गायक – रामकुमार जी मालूनी।
Upload By – Gauri Shankar
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