रंगो की छाई बहार,
मने ले चल खाटू मेले में।।
सुथरा सा एक सूट सीमादे,
रंग बसंती चुंदड़ी दिलवादे,
और हाथों में चूड़ी लाल,
मने ले चल खाटू मेले में।।
रींगस से पैदल जाऊंगी,
बाबा का निशान उठाऊंगी,
श्याम कुण्ड में करूं स्नान,
मने ले चल खाटू मेले में।।
मैं रंग गुलाल उड़ाऊंगी,
बाबा को भोग लगाऊंगी,
मैं तो गाउं बाबा की धमाल,
मने ले चल खाटू मेले में।।
फागुन की ग्यारस जब आवे,
भगता का मन हर्षावे,
मैं भी जाऊंगी बाबा के धाम,
मने ले चल खाटू मेले में।।
रंगो की छाई बहार,
मने ले चल खाटू मेले में।।
Singer – Vinod Kumar (Vinny) Hisar
9466331116








