मैं तो चली श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना,
रोके ना कोई टोके ना,
रोके ना कोई टोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।।
तर्ज – मेरी लगी श्याम संग प्रीत।
चाह बनी उत्साह बनी,
उस अलबेले की राह बनी,
और मेरी बिगड़ी बात बनी,
सखी मेरी बिगड़ी बात बनी,
मेरी प्रीत की बेल फली,
मुझे कोई रोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।bd।
प्यासी हूं प्यास मिटाने,
नैनों में उन्हें बिठाने,
कुछ खोने और कुछ पाने,
कुछ खोने और कुछ पाने,
मेरे जन्मों की साध फली,
मुझे कोई रोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।।
पायल का साज बजाती,
कुछ धीरे-धीरे गाती,
ब्रजरज को शीश चढ़ाती,
ब्रजरज को शीश चढ़ाती,
मैं तो जोगन बनके चली,
मुझे कोई रोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।bd।
एक नंद गांव का छोरा,
ले गया चोर चित्त मोरा,
मैं कासों करूं निगोडा,
मैं कासौं करूं निगोडा,
मोहे छलिया ने आए छली,
मुझे कोई रोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।।
मैं चली पिया की होके,
कुछ हंस के और कुछ रोके,
सब लोक लाज की खोके,
सब लोग लाज की खोके,
मैं तो सांवरे रंग रंगी,
मुझे कोई रोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।bd।
मैं तो चली श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना,
रोके ना कोई टोके ना,
रोके ना कोई टोके ना,
मै चलीं श्याम की गली,
मुझे कोई रोके ना।।
स्वर – निकुंज कामरा जी।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








