खाटू के राजा कभी किरपा नजरिया भजन लिरिक्स

खाटू के राजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे,
राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे, ओ श्याम बाबा,
खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे।।

तर्ज – उज्जैन के राजा कभी।



अहलवती का तू है प्यारा सा ललना,

पिता घटोत्कच झुलाए है पलना,
खाटू का रहने वाला लीले घोड़े वाला,
भक्तो को तारना रे, ओ श्याम बाबा,
खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे।।



तीन बाण धारी तेरी महिमा निराली,

घर घर में पूजा जाता श्याम बिहारी,
सारी दुनिया में बाबा बजे तेरा डंका,
हम पे भी डालना रे, ओ एक नजरिया,
खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे।।



हमेशा रहना बाबा संग संग हमारे,

कहते है तुमको हारे के सहारे,
तीन बाण धारी तेरी महिमा निराली,
‘नविन’ को तारना रे, ओ श्याम बाबा,
खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे।।



खाटू के राजा कभी किरपा नजरिया,

भक्तो पे डालना रे,
राजा महाराजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे, ओ श्याम बाबा,
खाटु के राजा कभी किरपा नजरिया,
भक्तो पे डालना रे।।

Singer – Navin Raj Kuwar