ओ म्हारी नंदोली म्हारे से,
नाराज हो गई,
रे म्हारी नंदोली म्हारे से,
नाराज हो गई,
खाटू जो जाकर आई एकली,
रे मैं तो,
खाटु जो जाकर आयी एकली।।
ओ म्हारे पीहर का के,
मन में तो खटास हो गई,
खाटु जो जाकर आयी एकली
रे मैं तो,
खाटु जो जाकर आयी एकली।।
ओ म्हारे बालम से,
खरी खोटी बात हो गई,
खाटु जो जाकर आयी एकली
रे मैं तो,
खाटु जो जाकर आयी एकली।।
ओ म्हाने ताना मारण ने,
सगला भेळा हो गया,
बोल्या क्यूँ मेलो देखी एकली,
रे तू तो,
बोल्या क्यूँ मेलो देखी एकली।।
हो इबके मेले में,
सगला ही तैयार रईजो,
नहीं तो मैं ओज्यु जासूं एकली,
रे मैं भी जावांगा,
मत न जाजे एकली,
ओ सुण ल्यो,
नहीं तो मैं ओज्यु जासूं एकली।।
ओ म्हारी नंदोली म्हारे से,
नाराज हो गई,
रे म्हारी नंदोली म्हारे से,
नाराज हो गई,
खाटू जो जाकर आई एकली,
रे मैं तो,
खाटु जो जाकर आयी एकली।।
Singer – Shubham Rupam








