जोगन बनी रे मैं सांवरे की भजन लिरिक्स

जोगन बनी रे मैं सांवरे की भजन लिरिक्स

जोगन बनी रे मैं सांवरे की,
साँची लगन मन बावरे की।।



गिरधर मेरे मन में समाए,

और ना कुछ भी मोहे भावे,
मन में प्रीत जगी सांवरे की,
एक रटन मन बावरे की,
जोगन बनीं रें मैं सांवरे की,
साँची लगन मन बाँवरे की।।



मैं तो उनकी प्रेम दीवानी,

हम दोनों की प्रीत पुरानी,
लागि लगन श्याम सँवारे की,
एक रटन मन बाँवरे की,
जोगन बनीं रें मैं सांवरे की,
साँची लगन मन बाँवरे की।।



नैन में छवि श्याम की प्यारी,

साँस नन्द मोहे देते है गारी,
चुनरी रंगी रे रंग सँवारे की,
एक रटन मन बाँवरे की,
जोगन बनीं रें मैं सांवरे की,
साँची लगन मन बाँवरे की।।



श्याम सलोना मुखड़ा भोला,

मधुर मधुर घूम सुम मन डोला,
बंसी बजी रे श्याम सँवारे की,
एक रटन मन बाँवरे की,
जोगन बनीं रें मैं सांवरे की,
साँची लगन मन बाँवरे की।।



जोगन बनी रे मैं सांवरे की,

साँची लगन मन बाँवरे की।।


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