जय महावीर स्वामी,
प्रभु जय महावीर स्वामी,
वीर प्रभु कहलाये तुम जग में नामी,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
जन्म लिया प्रभु तुमने,
सब जग हर्षाया,
प्रभु सब जग हर्षाया,
कुण्डलपुर नगरी का,
यश सबने गाया,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
हो त्रिशला माँ के,
तुम आँखों के तारे,
प्रभु आँखों के तारे,
हो सिद्धारथ जी के,
तुम लालन प्यारे,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
वर्धमान प्रभु तुम्हरा,
नाम अति प्यारा,
प्रभु नाम अति प्यारा,
वीर हुए फैलाया,
सब जग उजियारा,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
छोड़ दिया सुख वैभव,
जग के हित कारण,
प्रभु जग के हित कारण,
प्रभुजी वेष दिगंबर,
तुमने किया धारण,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
राग द्वेष को जीता,
लोभ मोह हारा,
प्रभु लोभ मोह हारा,
घोर तपस्या कीन्ही,
काम क्रोध मारा,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
तुम ज्ञानी विज्ञानी,
तुम सबके ज्ञाता,
प्रभु तुम सबके ज्ञाता,
जग में रहकर तोड़ा,
जग से ही नाता,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
भूत प्रेत प्रभु तुमसे,
हरदम भय खाते,
प्रभु हरदम भय खाते,
नाम तुम्हारे से प्रभु,
सब दुख मिट जाते,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
प्रभु हम आरत जन की,
तुम सब पीर हरो,
प्रभु तुम सब पीर हरो,
बीच भंवर में डोले,
नैया पार करो,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
वीर प्रभु की आरती,
जो मन से गावे,
प्रभु जो मन से गावे,
दुख दरिद्र भय खोकर,
सुख सम्पति पावे,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
जय महावीर स्वामी,
प्रभु जय महावीर स्वामी,
वीर प्रभु कहलाये तुम जग में नामी,
प्रभु जय महावीर स्वामी।।
स्वर / रचनाकार – मनोज कुमार खरे।
9584645408








