एकण वार आवो रे,
बारम-वार आवो रे,
सतगुरुजी म्होरा,
देश में रे है जी हा,
है गणी-गणी बार आवों रे,
सौ-सौ बार आवों रे,
खेतेश्वर दाता म्होरा,
देश में रे है जी हा।।
बीजरोल खेड़ा में,
जन्म धराया रे,
पुरोहित कुल रो,
मान बढ़ाविया रे हे जी हा।।
घरे शेरसिंहजी आया हो,
श्रंगारो देवी रा लाल कवाया रे,
खेताराम नाम देराविया रे हे जी हा।।
बालपण में भक्ति कमाई रे,
ब्रह्मा मंदिर री मन में लागी रे,
खेतेश्वर गुरुजी आपने रे हे जी हा।।
रूठा साँवंतरी मात मनाया हो,
कुल में खुशी छाई हो,
तुलसारामजी ने शिष्य,
बनाविया रे हे जी हा।।
पर्चा जुग में भारी हों,
बार-बार बलीहारी हो,
खेतेश्वर दाता आपने रे हे जी हा।।
महेन्द्र बावतरा री विनती रे,
भजन ज़ोर लिखायो रे,
थोरे शरणा में शीश,
नमावियो रे हे जी हा।।
एकण वार आवो रे,
बारम-वार आवो रे,
सतगुरुजी म्होरा,
देश में रे है जी हा,
है गणी-गणी बार आवों रे,
सौ-सौ बार आवों रे,
खेतेश्वर दाता म्होरा,
देश में रे है जी हा।।
Singer – Bhudraramji Choudhary
लेखक – महेन्द्र सिंह बावतरा।
मो. 8503831005








