लीलन घोड़ी सोवनी य माय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोड़ी,
लाम्बो काडो घुंघटो वो राज,
हो पेमल भन सिंणगारी,
निरखो धोलिया जाट की घोडी,
जाट की घोडी,
तेजल वीर की घोडी,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी।।
घोडी आई बागा में य माय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी,
सावन आयो सोवनो वो राज,
हो पेमल भन तिजनिया निरखो,
धोलिया जाट की घोडी।।
घोड़ी आई पनघट पे य माय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी,
घड़लों ले लो हाथ में वो राज,
हो पेमल भन पणिहारी निरखो,
धोलिया जाट की घोडी।।
घोडी आई गुहाडा य माय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी,
गजरा ले लो हाथ में वो राज,
हो पेमल भन मनिहारी निरखो,
धोलिया जाट की घोडी।।
सुरेन्द्र पाटनगढ़ वालो गाय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी,
सुरेन्द्र फ़रडोद वालो गाय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी,
जाट की घोडी,
तेजल वीर की घोडी,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी।।
लीलन घोड़ी सोवनी य माय,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोड़ी,
लाम्बो काडो घुंघटो वो राज,
हो पेमल भन सिंणगारी,
निरखो धोलिया जाट की घोडी,
जाट की घोडी,
तेजल वीर की घोडी,
माय मारी किया निरख बा जाऊ ये,
धोलिया जाट की घोडी।।
गायक / लेखक – सुरेन्द्र धोजक।
9521479116








